Viranchi Narayan Temple

About the temple

मगध का धरोहर विरंची नारायण मंदिर

ब्राह्मणी घाट, गया (बिहार)आदिदेव भगवान्

आदिदेव भगवान् भास्कर का प्रभावशाली स्वरुप तथा उनके प्रति प्रतिष्ठा का निदर्शन भारतीय पुरातत्त्व में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है| प्राचीन अभिलेखों, मुद्राओं, मंदिरों, मूर्तियों आदि के देखने से यह प्रमाणित होता है | भारतीय सूर्योपासना इतनी प्रबल हुई कि इसका प्रचार इस देश के बाहर अफगानिस्तान, नेपाल, बर्मा, श्याम, कम्बोडिया, जावा, सुमात्रा आदि देशों में हुआ | इन देशों में सुरक्षित मूर्ति-अवशेष आज भी इसका उद्घोष करते हैं| ईरान के साथ भारत का सम्बन्ध बहुत प्राचीन काल से रहा है | भारत और ईरान दोनों ही देशों ने सूर्यपूजा को अत्यंत ही व्यापक रूप में अपनाया | ईरान के सूर्य पूजक ब्राह्मणों का आगमन इसवी पूर्व प्रथम शती से विशेष रूप में हुआ | भारत में उन्हें अच्छा सम्मान मिला | उनके कुशल प्रयास से ही उत्तर – पश्चिम भारत में अनेकशः सूर्य मंदिरों और प्रतिमाओं का निर्माण हुआ | ईरान की शैली में भगवन सूर्य की प्रतिमाएं प्रभावशाली शासक के रूप में बनायी जाती थीं | शिरस्त्राण, कवच, अधोवस्त्र के साथ उपनाह भी पहनाये जाते थे | संभवतः ईरान तथा मध्य एशिया में अत्यधिक ठण्ड पड़ने के कारण यह वेशभूषा आवश्यक थी | पेशावर, तक्षशिला, मथुरा, गया, आदि में ऐसी अनेक पाषाण मूर्तियाँ मिली हैं, जिनमें भुवन भास्कर को खड़े या बैठे हुए उक्त वेश-भूषा में दिखाया गया है | उत्तरी क्षेत्रों में इस देश के अत्यधिक प्रचलित होने के कारण भारत में इसे ‘उदीत्च्य्वेश’ की संज्ञा दी गयी | ऐसी प्रतिमाओं में सूर्य का सात घोड़ों के रथ पर आसीन दिखाया गया है, जो सूर्य के मुख्य सात रंगों के प्रतीक हैं|


Lord Surya blesses us with its light, energy and sustains life on earth. All human beings, living creatures, birds and animals get their lie force only due the rays of sun. Lord Surya is worshipped to get the energy and health, which resultantly leads us to Money and prosperity. Surya Namskar in yoga, is an example of this worship.

Flowers, Red Chandan , Dhoop, Ghee lamp, Sweets (Navadyam), and water in copper vessel are all the offerings made to lord sun.

A Shree Surya Narayan Yantra, made on the auspicious day suitable as per your date of birth should be kept before you and you should be facing towards east direction, the direction of Lord Surya. This yantra can be used for good health and life as Sun's blessings.